
ऊना। अक्षम बच्ची के साथ दुराचार मामले में न्यायालय ने आरोपी व्यक्ति को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष, जिला एवं सत्र न्यायाधीश रतन सिंह ठाकुर ने दोषी होशियार सिंह निवासी बहडाला, ऊना को यह सजा सुनाई है। दोषी को पोस्को एक्ट की धारा छह के तहत दस वर्ष कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। जुर्माना राशि मुआवजे के दौर पर पीड़िता को दी जाएगी। जिला न्यायवादी एनसी घई ने बताया कि 14 अप्रैल 2013 को होशियार सिंह परिजनों की गैर हाजिरी में पीड़िता के घर गया और 14 वर्षीय बच्ची के साथ दुराचार किया। परिजनों को देखकर दोषी मौके से फरार हो गया। परिजनों ने 15 अप्रैल को मामले की शिकायत थाने में दर्ज करवाई। बच्ची का मेडिकल करवाने पर दुराचार की पुष्टि हुई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषी को 16 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। घई ने बताया कि मामले के संदर्भ में पुलिस ने दो जुलाई को न्यायालय में चालान पेश किया। इस पर न्यायालय ने दोषी के खिलाफ उक्त सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने दोषी के खिलाफ 16 गवाह पेश किए। दोषी ने अपने बचाव में दो गवाह पेश किए। न्यायालय ने कहा कि दोषी की सजा कम किया जाना या दोषी को बरी किया जाना एक अक्षम बच्ची के साथ घोर अन्याय होगा। लिहाजा दोषी को दस वर्ष कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा भुगतनी होगी।
